'साला खडूस' के विषय में शायद मेरा इतना ही कहना काफी है के बस 'झकास' । ये फ़िल्म केवल किसी बड़े ख्वाब को पूरा करने के जददोजहद के बारे में ही नहीं है अपितु खेल संघों के अंदर व्याप्त भ्र्ष्टाचार को भी बड़ी बेबाकी से नंगा करती है। आर माधवन ने इस फ़िल्म में अपनी रोमांटिक इमेज को तोड़ कर एक रफ टफ बॉक्सिंग कोच की भूमिका को निभाया नहीं बल्कि जिया है। जरूर जरूर देखें।
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