Sunday, September 3, 2017

                                                           नुक्क्ड़ नाटक

                                                   बी पी एल के देश में आई पी एल

                                                          Bpl kei Desh Mei Ipl

                                 नुक्क्ड़ नाटक प्रतियोगिता में द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित नुक्क्ड़ नाटक

सभी कलाकार एक दायरे में घूमते हुए गाते है 

क्रिकेट के दीवानों की वाह रे वाह ...... 

सभी गाते हुए बैठ जाते है 

कलाकर १:- ये क्या चककर है भाई ? सब इतने खुश क्यों दिख रहे है?

कलाकार २:- आई पी एल आ रहा है 

कलाकार२:- तो इसमें इतना खुश होने की क्या बात है 

कलाकार१ :- क्यों के सब इंजॉय करेंगे, चव्वे छक्कों के नए नए रिकार्ड बनेगे। हर शाम निश्चित मनोरंजन। 

कलाकार २ :- लेकिन उधर, उधर वो आदमी, वो क्यों उदास बैठा है ?

कलाकार १:- चलो देखते है। 

कलाकार ३ :- (चने बेचते हुए) चना। सेहत वाला चना। अंकुरित चना। उबला चना।  सेहत वाला चना।  

कलाकार ४:- (हवलदार के रूप में) अबे रुक !

कलाकार ३:- अरे हवलदार साहब ! चना खाओगे ?

कलाकार ४:- अबे चना क्या, हम तो मुफ़्त की फिनाइल भी पी जाते हैं, फिर तेरा चना क्या चीज़ है ? ला खिला। 

               कलाकार ३ दोने में चने बनाने का उपक्रम करता\है और साथ में बात भी करता जाता है 

कलाकार ३:- सुना है साहब कल आपके घर में चोर घुसा था ?

कलाकर ४:- हाँ घुसा था। 

कलाकार ३ :- आपने उसको पकड़ा नहीं ?

कलाकार ४:- मैं सो रहा था। लेकिन मेरी बीबी जाग रही थी। 

कलाकार ३:- तो आपकी बीबी ने आपको जगाया नहीं?

कलाकार ४ :- जगाया था। लेकिन मैंने भी कह दिया के अभी मैं ड्यूटी पर नहीं हूँ। १०० नंबर पर कॉल कर लो। 

कलाकार ३:- तो किया था कॉल ?

कलाकार ४:- हाँ किया था कॉल। 

कलाकार ३:- तो पुलिस आयी थी ?

कलाकार ४ :- हाँ आयी थी। 

कलाकार ३ :- उन्होंने चोर को पकड़ा?

कलाकार ४:- हाँ पकड़ा था।  लेकिन वो १०० रुपय दे कर छूट गया। 

कलाकार ३ :- (चना देते हुए) अजीब पुलिस है यहां की। १०० नंबऱ मिलाने पर आ जाती है और १०० रुपए देने 
                     पर चली जाती है। 

कलाकार ४:- (चने कहते हुए) अब सुन।  तेरा ये खोमचा कल से यहां नहीं लगेगा ?

कलाकार ३:- (घबड़ाये अंदाज़ में) क्यों हुज़ूर? ऐसी क्या गलती हो गई ?

कलाकार ४:- अबे गलती वलती कुछ नहीं। कल से ये स्टेडियम जिसके बाहर तू चने बेच रहा है, दो महीने 
                    के लिए ये टाइट सुरक्षा घेरे में आ जायेगा। 

कलाकार ३:- क्यों हुज़ूर ?

कलाकार ४:- आई पी एल शुरू हो रहा है। 

कलाकार ३:- अभी तो हुआ था आई पी एल ?

कलाकार ४;- अबे हर साल होता है आई पी एल। 

कलाकार ३ :- अरे साहब आई पी एल वालों को समझाओ। हम गरीब गुरबा इसी स्टेडियम के सहारे अपनी 
                     रोज़ी रोटी चलाते हैं। हर साल दो दो महीने गेंद बल्ला खेलेंगे तो हम गरीब क्या करेंगे ?

कलाकार ४:- अबे हम क्या समझाएं ? हम जैसों की कोइ सुनेगा भी ?

कलाकार ३:- आप बड़े आदमी हो साहेब।  बड़ा बड़ा आदमी आप से डरता है।  आप समझाओगे तो मान 
                    जायेंगे। और अगर तो डंडा ले कर खदेड़ देना सबको, जैसे हमको खदेड़ते हो। 

कलाकार ४:- अबे वो बहुत बड़े लोग हैं।  हमको ही खदेड़ देंगे। हमको ऊपर से सख्त आदेश हैं, कल से 
                    इस स्टेडियम में ना तो मार्निग वाक होगी और ना ही बाहर कोई खोमचे वाला खड़ा होगा। 
                    स्टेडियम में जो लोग रहते हैं, उनको भी दो महीने के लिए बाहर निकलना पड़ेगा। 

कलाकार ३ :- ये कैसा खेल है साहब जो आदमी से उसकी रोज़ी रोटी, घर, सेहत सब छीन लेता है ? खेल 
                     कूद क्या रोटी, कपड़ा, मकान, सेहत से ज़्यादा ज़रूरी है ? 

कलाकार ४:- अबे ये नक्सलवादियों जैसी बात मत कर। 

कलाकार ३ :- (जनता से) सुना भाइयों ! जो हमारी रोज़ी रोटी छीने वो राष्ट्रवादी ! और अगर हम अपनी रोज़ी
                     रोटी की बात करें तो नक्सलवादी ? 

कलाकार ४:- बंद कर ये नेतागिरी। कल से तेरा खोमचा यहां नहीं लगेगा बस। 

कलाकार ३:- तो हम कहाँ जायेंगे साहब ? 

कलाकार ४:- अबे इतनी बड़ी दुनिया पड़ी है, कहीं भी बेच लेना। 

कलाकार ३ :- चना हर जगह नहीं बिकता।  ये वहीं बिकता है जहां मार्निग वाकर आते है। जब मार्निग 
                     वाकर ही नहीं होंगे तो चना कहाँ  बिकेगा ? 

                                   सभी कलाकार उठ कर  नाचने लगते है 

कोरस :- इण्डिया का त्यौहार ये है इण्डिया का त्यौहार 

कलाकार १:- ये कैसा त्यौहार है भाई जिसमें लोगों की रोज़ी रोटी छिन जाती है?

कलाकार २:- हर तस्वीर के दो रुख होते हैं। अगर किसी की रोटी छिनती है तो किसी को मिलती भी है।

कलाकार १:- आई पी एल से किस गरीब को रोटी मिलती है?

कलाकार २ :- आओ तस्वीर के दोनों ही रुख देखते हैं

घेरे में दो विपरीत दिशाओं में दो लड़कियां खड़ी होती हैं। एक जवान एक बूढ़ी। जवान वाली के पास दूसरी लड़की आती है

लड़की :-(एक्सेंट से बोलते हुवे) हाय सिंथिया !

सिंथिया:-  हाय

(दोनों फ्रीज़)

दूसरी लड़की :- राम राम काकी

काकी :- राम राम बिटिया

(दोनों फ्रीज़ )

पहली लड़की :- क्या बात है सिंथिया ? आज बहुत खुश लग रही हो?

सिंथिया :- ऑबवियसली डियर ! आई पी एल आ रहा है।

पहली लड़की :- ओह! तुम फिर से चीयर लीडर बन कर इण्डिया जाओगी ?

(दोनों फ्रीज़)

दूसरी लड़की :- क्या बात है काकी ? बहुत उदास दिख रही हो?

बुढ़िया :- का बताई बिटिया ! ई मुआ आई पी एल आ रहा है।

दूसरी लड़की :- तो तुमका कौन सी बल्ले बाजी करेका है जो तुम दुखी होत हो ?

बुढ़िया :- अब का बताई बिटिया ! स्टेडयम माँ घांस काटित रहे, और वहीं मडईया छवाय के रहि लेत राहे।
              अब आदेश हुई गा के स्टेडियम खाली करो।  अब इत्ती भददर गर्मी माँ कहाँ जॉब ?

(दोनों फ्रीज़)

सिंथिया :- हाँ मैं फिर से चीयर लीडर बन कर इण्डिया जाऊंगी।

पहली लड़की :- आई पी एल मीन्स अ लौट ऑफ़ मनी !

सिंथिया :- यस ! मैं ढेर सारा पैसा कमाऊंगी ! फिर उस पैसे से अपनी मॉम का इलाज करवाउंगी ! यू नो,
                अपनी कंट्री में हेल्थ सर्विसेस कितनी मंहगी है ! और वो बेचारी तो कभी अपना हेल्थ इंश्योरेंस
                भी नहीं करवा पाई। बिकॉज़ अगेन आईटी इस वैरी एक्सपेंसिव।

पहली लड़की :- हाउ आयरॉनिक ! इण्डिया वाले सोचते हैं के यू एस वाले बहुत खुश हैं।

सिंथिया :- जब के इण्डिया में हर गरीब आदमी को हेल्थ फेसिलिटीज मिलती है। वहां गवर्मेंट हॉस्पिटल्स
                हैं जहाँ गरीबों को फ्री चेक अप, फ्री हॉस्पिटलाइजेशन, फ्री मेडिसिन्स फ्री न्यूट्रियस फूड,
                एवरी थिंग फ्री। और तो और।  देलही और कर्नाटका ऐसे स्टेटस में तो बी पी एल कार्ड होल्डर्स
               सुपर स्पेसिअलिटी हॉस्पिटल्स में भी अपना इलाज करवा सकते है। गवर्नमेंट पेस फॉर देम।

पहली लड़की :- बी पी एल? वॉट इस बी पी एल ?

सिंथिया :- बिलो पावर्टी लाइन रहने वालों के लिए ये एक सोशल वैलफेयर स्कीम है। ये स्कीम उन लोगों
                फूड एंड मेडिकल सिक्योरिटी अश्योर करती है।

पहली लड़की :- हाउ लकी ऑफ इंडियंस ! अगर आई पी एल है तो बी पी एल भी है।

(चारों बैठ जाते हैं )

कलाकार २:- देखा तुमने ?

कलाकार १:- हाँ देखा। करोड़ो बी पी एल कार्ड धारकों के देश में वाले देश में अरबों का आई पी एल कैसे हमारे
                   देश के गरीब से आशियाना छीनता है और कैसे विदेशी गरीबों को रोज़गार देता है।

कलाकार २:- गरीब का कोई देश नहीं होता। गरीब सिर्फ गरीब होता है।

कलाकार १:- चैरिटी बिगिन्स ऐट होम।  हमारे गरीब की रोटी रोज़ी छिने, आशियाना उजड़े और हम दुनिया
                   भर के गरीबों  को रोज़गार देते फिरें !

कलाकार २ :- आओ वो भी देखतें हैं।

कलाकार ३:- (खुशी से\नाचते हुवे गाता है ) आ गया आ गया, आई पी एल वाला आ गया। आ गया आई पी एल
                   वाला आ गया।

कलाकार ४:- क्यों बे चने वाले बड़ा  खुश दिखाई दे रहा है ? कहीं सचिन तेंदुलकर को तो चना नहीं बेच आया ?

कलाकार ३ :- नहीं sssss अब दो महीने चना बेचना बिलकुल बंद। 

कलाकार ४ :- तो क्या कहीं से सोना चांदी मिल गया ?

कलाकार ३:- (गाता है) सोना भी मिल गया चांदी भी मिल गई 
                                   राजा भी मिल गया रानी भी मिल गई 
                                   मुझे मिल गई मिल गई मिल गई 

कलाकार ४:- अबे ठीक ठीक बताता है या लगाऊं दो डंडे। सब उगल देगा। कहीं से डाका वाका डाल कर आया है 
                    या कहीं से गड़ा खज़ाना मिल गया?

कलाकार ३:- खज़ाना नहीं रोज़गार। मुझे दो महीने के लिए नया रोज़गार मिल गया। अब  महीने मैं चना नहीं 
                   स्टेडियम के बाहर खिलाड़ियों की वर्दी बेचूंगा। 

कलाकार ४ :- अच्छा तो  खिलाड़ी तुझसे वर्दी खरीदेंगे। कोहली आ कर तुझसे कहेगा (कोहली को इमीटेट करते 
                     हुए) ज़रा १८ नंबर वाली वर्दी निकलियो। (डांटते हुवे) अबे बावला हो गया के? 

कलाकार ३ :- खिलाड़ी नहीं उनके फैन खरीदेंगे वर्दी। 

सभी कलाकार एक चककर नाचते हैं :- मैं हाय रे तेरा हाय रे जबरा फैन हो गया। 

कलाकार ४  :- अबे फैन क्यों खरीदेंगे वर्दी ?

 कलाकार ३:- आई पी एल में फैन अपने मन पसंद खिलाड़ियों की वर्दी पहन कर खेल देखते हैं। अब दो महीने 
                     चने नहीं वर्दी बेचूंगा। वर्दी बेचने में नफा भी ज़्यादा है।  इस मुनाफे के पैसे से अपने बच्चे का 
                     कालेज में दाखिला करवा दूंगा।  

कलाकार  ४ :- बहुत अच्छे।  काश ऐसे ही उस बुढ़िया का भी कुछ इंतजाम हो जाये। 

बुढ़िया :- (उठ कर आती है) मुझ बुढ़िया की फिकर नाहीं करो साहेब।  स्टेडियम माँ जो कान्टीन लगा रहा है 
              ओ से बात हुई गई है। ओ की कैंटीन माँ रोजनदारी पर काम करब और रात कान्टीन ऐ माँ सुई 
              जॉब। पइसाओ मिलिहे और सोए का ठिकाना भी। 

कलाकार ३ और बुढ़िया :- आम के आम गुठलियों के दाम। 

(तीनो बैठते हैं) 

कलाकार २:- (जनता से) देखा आपने। ये बूढ़ी मां, ये चने वाला।  ये दोनों ही बी पी एल कार्ड धारक हैं और 
                   दोनों को ही आई पी एल से रोज़गार मिला।  ऐसे जाने कितने ही बी पी एल कार्ड धारकों को 
                  आई पी एल से फायदा होता है, रोज़गार मिलता है। आई पी एल छीनता किसी से क्या 
                  है ?

सब उठ कर नाचते हैं :- हल्ला बोल हल्ला बोल। 

कलाकार १ :- ठीक गा रहे थे सब। हल्ला बोल। अभिजात्य वर्ग की इस अय्याशी पर हल्ला बोल। 

कलाकार २:- अभिजात्य वर्ग की अय्याशी ?

कलाकार १ :- (जनता से) और क्या ? आई पी एल अभिजात्य वर्ग की अय्याशी ही तो है। जो बीस तीस हजार 
                     लोग स्टेडियम में मैच देखने जाते है उनमें से ज़्यादातर लोगों का क्रिकेट से ज़्यादा कुछ 
                     लेना देना नहीं होता। वो तो अपनी फाल्स ईगो सटिस्फाय करने जाते है के वो करोड़ों की 
                     आबादी वाले शहर के उन चुनिंदा लोगों में से हैं जिन्होंने उसी स्टेडियम में मैच देखा जिसमें 
                    शाहरुख़ खान, प्रीटी जिंटा, नीता अम्बानी ऐसे बड़े बड़े लोग मैच देख रहे थे। वो लोग जताने 
                    जाते हैं के वो लोग उस इण्डिया का हिस्सा हैं जो शाइनिंग भी है और विनिंग भी।

कलाकार २:- और जो लोग  टेस्ट मैच, टी २० देखने जाते हैं ?

कलाकार १:- वहां लोग अपने देश की टीम को चीयर करने जाते हैं, टीम को ये बताने जाते हैं के पूरा देश 
                    उनके साथ है। वहां अय्याशी नहीं, देश प्रेम होता है।  और क्या कहूँ ?

कलाकार २:- क्यों नहीं ? कहो कहो। 

                   गोल घेरा उठ कर घूमने लगता है एक कलाकार लीड करता है बाकी कोरस करते हैं 

कलाकार :- कहब तो लगिहै धक से। 

कोरस     :- धक से  

कलाकार :- कहब तो लगिहै धक से। 

कोरस     :- धक से  

कलाकार :- बड़े बड़े

कोरस :- हाँ बड़े बड़े

कलाकार :- बड़े बड़े लोगन  का आई पी एल खेलवा

कोरस :- बड़े बड़े लोगन का आई पी एल खेलवा

कलाकार :- बड़े बड़े लोगन  का आई पी एल खेलवा

कोरस :- बड़े बड़े लोगन का आई पी एल खेलवा

कलाकार :- और सट्टा खेलें अलग से

कोरस :- अलग से

कलाकार :- और सट्टा खेलें अलग से

कोरस :- अलग से 
कलाकार :- कहब तो लगिहै धक से। 

कोरस     :- धक से  

कलाकार :- कहब तो लगिहै धक से। 

कोरस     :- धक से  
कलाकार १:- आई पी एल ने दिया ही क्या है ? सट्टा, घपला। वो ललित मोदी, इस गरीब देश की १७०० करोड़ 
                    की रकम का घपला कर आराम से यू के में बैठा हुआ है। 
कलाकार २:- जो सट्टा करते है, वो पकड़े भी जाते है  सज़ा भी होती है।  अगर किसी औरत की चेन छिन जाये 
                   तो चोर को पकड़ना चाहिए या सोने पर बैंड लगाना चाहिए।  तुम ललित मोदी की बात कर रहे
                  हो, वो तो फिर भी भगोड़ा है।  उनका क्या जिनके नाम पनामा पेपर लीक में आये है? वो तो आज 
                  भी देश में मस्ती से घूम रहे हैं।  

कलाकार १ :- आई पी एल इस नथिंग बट अ फाइन एक्साम्पल ऑफ़ क्रोनी कैपिटलिज्म। 

कलाकार २:- क्रोनी कैपिटलिज्म? आई पी एल जिसे पूरी तरह से एक प्राइवेट क्लब बी सी सी आई कराता है 
                    और जिसके आयोजन का सरकार से कोई लेना देना नहीं है उसे तुम क्रोनी कैपिटलिज्म का 
                     उदाहरण बता रहे हो। 

घेरे में से एक एक कलाकार उठता है और अपने बात कहता है और फिर बैठ जाता है। 

कलाकार :- आईपीएल एक मनोरंजन का कार्यक्रम है जिसमें सरकार को मनोरंजन कर मिलता है जो राष्ट्र 
                  निरमाण में काम आता है 

कलाकार :- वर्ष २०१७ के आई पी एल ने भारत की जी डी पी में ११.५ करोड़ डालर का इजाफा किया था जिसका 
                  बहुत बड़ा हिस्सा गरीबों के लिए चल रही योजनाओं में काम आया। 

कलाकार :- आई पी एल से कई उद्योगों के व्यापार में वृद्धि होती है 

कलाकार :- जैसे प्रिंटिंग उद्यो, एविएशन इंडस्ट्री, एडवरटाईजिंग इंडस्ट्री

कलाकार :- हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री, टूरिज्म इंडस्ट्री, गारमेंट इंडस्ट्री 

कलाकार :- आई पी एल से नए खिलाड़ियों को चमकने का मौका मिलता है। 

कलाकार : ऐसे  खिलाड़ी जो अगर आई पी एल ना होता तो गुमनाम रह जाते 

कलाकार :- आई पी एल की किंग्स ११ ने थंगरासू नटराजन को तीन करोड़ रुपय में खरीदा 

कलाकार :- वो थनगरसू नटराजन जिसकी जिसका पिता एक डेली वेजर था और बी पी एल कार्ड होल्डर था 

कलाकार :- एक ऑटोड्राइवर का बेटा मोहम्मद शिराज को २. ६ करोड़ रुपय में सन राइजर्स हैदराबाद ने खरीदा 

 कलाकार :- ऐसे अनेकों उदाहरण है जहां अनजान खिलाड़ियों को आई पी एल ने चमकने का मौका दिया 

कलाकार :- यहां तक के रविंद्र जडेजा भी एक चौकीदार क बेटा है। 

कलाकार :- आई पी एल होने से बी पी एल कार्ड धारकों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कई लाभ है। जो आई पी 
                  एल ना होने से ना होते। 

कलाकार :- इसी लिए करोड़ो बी पी एल कार्ड धारकों के देश में आई पी एल बहुत ही सामयिक है 

कलाकार :- इसी लिए आई पी एल होते रहना चाहिए 

कलाकार २ :- तो फिर गाओ 

सभी कलाकर एअक और आई पी एल एंथम गाते है 

                                                इती
 





 

                   

1 comment:

  1. Hello sir can you please guide me for a street play. devantandon81@gmail.com

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